प्रश्न: & उत्तर: ~ सदाआनंदमंगल में रहिए ।

प्रश्न:
बाहेर देखावे बंदगी,
माँहें करें कुकर्म काम ।
महामारी पूछे ब्रह्मसृष्टि को,
ए वैकुंठ जासी के धाम।।????

उत्तर:
जो अंदर बाहर एक नहीं,
वह कहीं नहीं जा सकता!
उसे कोई भी सुख नहीं मिलता ।
ना वैकुंठ जा सकता है,
ना ही कोई नित्यमुक्ति धाम या परम धाम !

सदाआनंदमंगल में रहिए ।
सप्रेमप्रणाम जी
लॉर्ड प्राण नाथ डिवाइन सेंटर
मेकन, जोरजिया, USA
श्री प्राणनाथ वैश्विक चेतना अभियान  

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