“चरित्र देव"—एक ऐतिहासिक उपन्यास, जो स्वामी श्री प्राणनाथ जी, शक्तिपुत्र महाराजा छत्रसाल बुंदेला और अप्रतिम सुंदरी पद्मा के जीवन पर आधारित
श्री प्राणनाथ वैश्विक चेतना अभियान और श्री निजानंद आश्रम , वडोदरा गर्वपूर्वक प्रस्तुत कर रहे हैं— " चरित्र देव" — एक ऐतिहासिक उपन्यास , जो स्वामी श्री प्राणनाथ जी , शक्तिपुत्र महाराजा छत्रसाल बुंदेला और अप्रतिम सुंदरी पद्मा के जीवन पर आधारित है। यह उपन्यास प्रेम और समर्पण की गाथा के साथ आपके समक्ष आ रहा है। इसके सभी पात्र ऐतिहासिक हैं , किंतु उनकी कहानी में कल्पना की कुछ सुंदर दस्तकारी अवश्य है। उपन्यास केवल इतिहास नहीं है—यह कल्पना की कोमल बुनावट के साथ जीवन के अनछुए पहलुओं को उजागर करता है। इतिहास घटनाओं का मात्र उल्लेख करता है , लेकिन उपन्यास उन्हें चित्रित कर जीवंत बना देता है। इस कथा की प्रमुख नायिका पद्मा , अनुपम सौंदर्य की धनी युवती थी , जिसे पन्ना के महाराजा छत्रसाल ने मुगलों के बंधन से मुक्त कराया था। पद्मा अद्भुत रूपवती थी , किंतु युवक छत्रसाल ने उसे कामुक दृष्टि से नहीं , बल्कि मातृभाव से देखा — यह नियति का अनूठा रहस्य ही रहा। परंतु पद्मा , महाराज ...